लखनऊ: आखिर क्यों बीमार कुत्ते की मदद करना पड़ा भारी?

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लखनऊ के नाका से गुजरते हुए राजाजीपुरम निवासी मेडिकल के छात्र प्रसून कमल की नजर एक बीमार कुत्ते पर पडी। उस बीमार कुत्ते की सहायता करने के लिए गूगल से हेल्पलाइन नंबर लेना प्रसून कमल की बड़ी भूल साबित हुई ।

दरअसल बीमार कुत्ते की मदद के लिए प्रसून कमल ने गूगल से मिले नंबर पर कॉल किया, तो उस कॉल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। फिर उसने गूगल पर दिए दूसरे नम्बर पर कॉल किया, तो उसका फोन उठा लिया गया।जिसके बाद प्रसून ने उस फोन पर बीमार कुत्ते के बारे में जानकारी दी। इस नंबर से बात कर रहे ठगों ने प्रसून से ऑनलाइन 10 रूपए जमा करने को कहा। जैसे ही प्रसून ने अपने अकाउंट से 10 रूपए ट्रांसफर किए उसके कुछ देर बाद ही प्रसून के अकाउंट से 3170 रूपए उड़ा दिए गए ।

पीड़ित प्रसून कमल ने नाका थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। इंस्पेक्टर सुजीत कुमार दुबे ने बताया, ‘बीते सप्ताह शिवपुर कॉलोनी के पास से गुजरते समय राजाजीपुरम निवासी प्रसून कमल की नजर एक बीमार कुत्ते पर पडी थी।उसने नगर निगम और कान्हा उपवन समेत पशुओं की कुछ संस्थाओं का फोन नंबर मिलाया, लेकिन किसी से भी संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद उसने गूगल पर दिए एनिमल हेल्पलाइन नम्बर देखे जिसमें उसे एक नंबर मिला। 7908205741 इस नंबर पर कॉल करके उसने जब मदद मांगी तो ठगों ने 10 रूपए जमा करने पर टीम भेजने की बात कही। रूपये जमा करने के लिए ठगों ने प्रसून के मोबाइल पर एक लिंक भेजा था, जिस के माध्यम से प्रसून ने 10 रूपए जमा किए थे और कुछ देर बाद ही उसके अकाउंट से 3170 रूपए उड़ गए।प्रसून ने इस घटना के बाद ठगों से पैसे गायब होने की बात कही तो उन्होंने फोन काट दिया।’

दरअसल एनिमल हेल्पलाइन के नाम से साइबर ठगों ने अपना नंबर फीड कर रखा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि साइबर सेल की सहायता से जांच की जा रही है ।

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