क्वारंटीन से घर लौटे मजदूरों के साथ हो रहा ऐसा बर्ताव,पढ़ें पूरी खबर

पूरे विश्व आज कोरोना जैसी भयंकर महामारी से जूझ रहा है ।ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभावित जो हुए हैं वो है मजदूर। ऐसे में एक तरफ कुछ ऐसे मजदूर है जिनके पास खाने पीने को कुछ नहीं और रहने का भी ठिकाना नहीं है, वही दूसरी तरफ कुछ मजबूर ऐसे है जो पांच – छह दिन का सफर पैदल तय करके जब घर पहुंच रहे तो उनके साथ लोग बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ मजदूरों मे शामिल हैं आकाश कुमार, मोहनपुर, चौबेपुर ब्लॉक से जिन्होंने अपना कुछ सफर पैदल चलकर और कुछ ट्रक पर बैठ कर पूरा किया। अशोक कुमार ने बताया कि रास्ते में खाने का भी कोई इंतजाम नहीं था, केवल बिस्किट खाकर और पानी पीकर सफर तय किया। पांच दिन बाद का सफर करके जब शाम सात बजे गांव पहुंचे तो सूचना मिलते ही गांव के लोग लाठी-डंडा लेकर घर आ गए और गांव के बाहर जाने को कहने लगे। इसके बाद पुलिस ने गांव के बाहर स्कूल में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया। अशोक कुमार एक साल से जयपुर में प्लाई बोर्ड फैक्ट्री में काम कर रहे थे। लॉकडाउन के बाद कंपनी बंद हो गई। एक सप्ताह बाद खाने पीने की परेशानी होने लगी तो साथियों के साथ यहां से निकलने की तैयारी की थी।

चौबेपुर ब्लॉक के निवासी रितिक पांच दिन पैदल सफर तय करने के बाद रात मे किसी तरह घर पहुचे। सुबह पड़ोसियों ने उनको देखा तो गांव के बाहर जाने की बात कहने लगे। थोड़ी देर के बाद घर के बाहर पुलिस पहुंच गई और गांव के बाहर स्कूल में क्वारंटीन कर दिया। अब जब वो दो सप्ताह बाद घर पहुंचे है तो गांव के लोग पास में बैठने से भी कतराते हैं और कोई घर के बाहर बैठने नहीं देता है। रितिक ने बताया कि वो गांव के मित्र के साथ जयपुर की कपड़ा फैक्ट्री में नौकरी करने के लिए 15 मार्च को निकले थे। अभी तक तो वो कुछ कमा भी नहीं पाए और लॉकडाउन हो गया। जो घर से पैसे ले गए थे, वह भी खर्च हो गए थे साथ ही रितिक का ये भी कहना है कि वो अब दोबारा बाहर कहीं नौकरी करने नहीं जाएंगे।

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