डेंगू से पुलिसकर्मी के सात साल के बेटे की मौत, 30 दरोगा और सिपाही भी पीड़ित

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बिहार में आई बाढ़ पर जहां सियासी माहौल गर्म है और राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं बीमारियों के फैलने की समस्या भी विकराल रूप लेती जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। रविवार को जहां पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिसकर्मी के 7 साल के बेटे की डेंगू से मौत हो गई। वहीं कई अन्य पुलिसकर्मी और उनके परिजन भी डेंगू की चपेट में हैं।जानकारी के अनुसार, मूलरूप से मधुबनी के कुशौल निवासी सिपाही मनीष झा पुलिस लाइन में तैनात हैं। वह अपने परिवार के साथ मंदिरी के छक्कन टोला में रहते हैं। गत रविवार डेंगू से पीड़ित उनके सात साल के बेटे अभिनव कुमार की मौत हो गई है। अभिनव शेखपुरा केंद्रीय विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था। वह पिछले चार दिनों से बीमार था। अभिनव से छोटी एक बहन खुशी है।

परिजनों के अनुसार, डेंगू से पीड़ित अभिनव का मैनपुरा स्थित एक अस्पताल में इलाज कराया था। इसके बाद उसे इनकम टैक्स के पास स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। रविवार की रात करीब दस बजे उसकी तबीयत अचानक से और ज्यादा बिगड़ गई। ऐसे में डॉक्टरों ने उसे राजापुर पुल स्थित एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, बांस घाट पर अभिनव का दाह संस्कार करने के बाद सिपाही मनीष अपने पूरे परिवार को लेकर मधुबनी चले गए हैं। अभिनव के चाचा नितेश ने बताया कि शुरू में डॉक्टर टाइफाइड का इलाज कर रहे थे, जबकि वह डेंगू से पीड़ित था।

पुलिसकर्मियों सहित उनके परिजन भी चपेट में

बाढ़ खत्म होने के बाद जगह-जगह पानी भरे होने से बीमारियां फैल रही हैं। पुलिस लाइन में ही करीब 30 दारोगा और सिपाही डेंगू के ग्रस्त हो गए हैं। पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिजन भी पीड़ित हैं। सार्जेंट गजेंद्र सिंह, उपस्कर प्रभारी मुकेश तिवारी, एएसआई शैलेंद्र सिंह, सिपाही हीरा लाल सिंह, उनकी पत्नी और दो बेटियां भी डेंगू की चपेट में हैं।

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