भारत: 2200 में से 3 दवाइयां कोरोना को कर सकती है खत्म, एक फार्मा कंपनि ने किया ये दावा

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कोरोना जैसी भयंकर महामारी को मात दे सके इसके लिए नोवलिड फार्मा के वैज्ञानिकों ने तीन दवाइयों को ढूंढा है. नोवलिड फार्मा के मुख्य साइंटिस्ट सुप्रीत देशपांडे ने एक निजी न्यूज चैनल आज तक से बात करते हुए बताया है कि उनकी कंपनी 2008 से गंभीर बीमारियों पर दवाइयां खोजने का काम करती आई है.
कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी दुनिया युद्ध लड़ रही है, लेकिन अभी तक कोरोना को हराने में किसी भी देश को सफलता नहीं मिली है. कोरोना वायरस लगातार फैलता जा रहा है और लोगों को मौत की नींद सुलाता जा रहा है. ऐसे में सभी आस लगाए बैठे हैं कि कहीं से संजीवनी बूटी मिल जाए, जिससे कोरोना का संक्रमण रोक दिया जाए.

देश मे आज जिस प्रकार के हालात बने हुए हैं वो बहुत ही बुरे है उसी बीच एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी. दरअसल पुणे की एक फार्मा रिसर्च कंपनी ने ये दावा किया है कि उसने 2200 प्रकार की दवाइयों में से 42 दवाइयां ढूंढी है और फिर इन 42 दवाइयों में से ऐसी कुल तीन दवाइयां खोजी हैं, जिनसे कोरोना वायरस जैसी बीमारी का इलाज किया जा सकता है. लेकिन इन तीन दवाइयों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन शामिल नहीं है.

नोवलिड फार्मा कंपनी ने इस बात का दावा किया है कि दुनिया में कोरोना को मारने की दवा पहले से ही मौजूद है, लेकिन वो दवा कौन-सी है ये किसी को भी नहीं मालूम है. आगे उन्होंने कहा कि आज कोरोना वायरस के इलाज में 2200 प्रकार की दवाइयां इस्तेमाल की जा सकती हैं, लेकिन इनमें से कौन सी तीन दवाइयां सबसे ज्यादा कारगर साबित हो सकती हैं ये नहीं पता है. इन तीन दवाइयों को ढूंढने का काम नोवलिड फार्मा के वैज्ञानिकों ने शुरू कर दिया है.

वैज्ञानिक सुप्रीत देशपांडे के अनुसार उनका काम यह पता लगाना है कि पहले से मान्यता प्राप्त कौन सी दवाई किस बीमारी के इलाज के लिए कारगर है. उनकी कंपनी बीते 25 मार्च से कोरोना वायरस के इलाज में वो दवाएं ढूंढने में लगी है जो कोरोना को मात दे सकने में कामयाब हो पाए. इसी बीच ये पाया गया कि 2200 दवाइयां ऐसी हैं, जो किसी न किसी प्रकार से कोरोना जैसे वायरस को खत्म करने में इस्तेमाल की जा सकती हैं, लेकिन इन 2200 दवाइयों में से सबसे ज्यादा कारगर और बिल्कुल सटीक दवाई कौन-सी है, इसका पता लगाना फिलहाल बेहद मुश्किल काम था. इसके लिए नोवलिड फार्मा कंपनी के 20 वैज्ञानिकों ने दिन-रात काम किया. इसके बाद उन्होंने तीन ऐसी दवाइयां पाई है, जो कोरोना के इलाज में सबसे ज्यादा कारगर हैं. अभी इन दवाइयों का ह्यूमन ट्रायल होना बाकी है. इसके लिए कंपनी ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से अनुमति मांगी है.

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