चंद्रयान-2: चांद की सतह पर उतरने से पहले लैंडर ‘विक्रम’ का इसरो से संपर्क टूटा,जानिए कैसे

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भारत का महत्वाकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 का चांद की सतह पर उतरने के करीब 2.1 किलोमीटर पहले ‘विक्रम’ लैंडर का इसरो से संपर्क टूटा।इसरो चीफ के मुताबिक अभी आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है।

चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का चांद पर कदम रखने से पहले इसरो से संपर्क टूट गया।चांद के सतह पर उतरने से ठीक 2.1 किलोमीटर पहले विक्रम का सिग्नल इसरो को मिलना बंद हो गया।इसरो अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि आंकड़ों का विश्लेषण जारी है।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करके कहा कि चंद्रयान 2 मिशन के साथ इसरो की पूरी टीम ने अनुकरणीय प्रतिबद्धता और साहस दिखाया है।देश को इसरो पर गर्व है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया है।

पीएम ने कहा कि आप सबके पुरुषार्थ से हम आगे की सफल यात्रा करेंगे।उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है और हमेशा भारत को गौरवान्वित किया है।ये हौसला रखने का वक्त हैं,और हम हिम्मत कायम रखेंगे।इसरो के चेयरमैन ने चंद्रयान-2 पर अपडेट दिया।

लैंडर को रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई,लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया।विक्रम ने ‘रफ ब्रेकिंग’ और ‘फाइन ब्रेकिंग’ चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया,लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके कहा कि चंद्रयान-2 के साथ इसरो की उपलब्धि ने अब तक हर भारतीय को गौरवान्वित किया है।उन्होंने कहा कि भारत इसरो के हमारे प्रतिबद्ध और परिश्रमी वैज्ञानिकों के साथ खड़ा है।भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।प्रधानमंत्री ने इसरो सेंटर में आए स्कूली बच्चों से भी मुलाकात की।हम आशान्वित बने हुए हैं और अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम पर कड़ी मेहनत जारी रखेंगे।

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