TATA IPL 2023: ” रिंकू सिंह ” इस नाम को सुनने की आदत डाल लीजिए !

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Rinku Singh 5 sixes

rinku singh 5 sixes

” रिंकू सिंह “ इस नाम को सुनने की आदत डाल लीजिए। ये नाम आने वाले वक्त का सबसे बड़ा सितारा होगा।

ये नाम उस खिलाड़ी का है जिसने वो करिश्मा कर डाला है जिसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता। उत्तर प्रदेश के इस लाल ने क्रिकेट जगत को दंग करके रख दिया है। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। गरीबी और परेशानियों से भरा रहा है रिंकू सिंह का सफर। पोछा लगाने से लेकर आखरी ओवर में 5 छक्के लगाने तक के सफर की पूरी कहानी जानिए मेरी जुबानी।

IPL की दुनिया में कब क्या हो जाए ये कोई नहीं जानता। कौन सा गुमनान खिलाड़ी कब सुपरस्टार बन जाए कोई नहीं जानता। वो कहते है ना – ” हुनर तो सबमें होता है ,कुछ का छुप जाता है और कुछ का छप जाता है। कुछ ऐसा ही कारनामा यूपी के लाल ने कर डाला है। न्यूज़ चैनलों की हैडलाइन से लेकर अखबारों की सुर्खियों तक सिर्फ उसी का नाम है।

इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के 13वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के रिंकू सिंह ने गुजरात के खिलाफ आखिरी ओवर में लगातार 5 छक्के जड़कर सनसनी मचा दी। केकेआर को मुकाबले में आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रन की जरूरत थी वहीं क्रीज पर केकेआर के लिए रिंकू सिंह और उमेश यादव थे। ओवर की पहली गेंद पर उमेश ने एक रन लेकर रिंकू को स्ट्राइक दिया। इसके बाद जो उन्होंने किया वह आईपीएल के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

Rinku Singh 5 sixes

रिंकू सिंह केकेआर के लिए सुपरस्टार खिलाड़ी बन गए हैं, लेकिन उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा है। 9वीं फेल रिंकू की हालत शुरुआत में काफी खराब थी। पिता अलीगढ़ में घर-घर सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे। वहीं उनके भाई ऑटो चलाकर पिता को सहारा देते थे लेकिन रिंकू अपने खेल में लगे रहे।

इस दौरान घर परिवार के जिम्मेदारियों ने रिंकू के पिता के ऊपर 5 लाख कर्ज डाल दिया। पिता और भाई जैसे तैसे घर को मुश्किलों से निकालने में जुटे रहे, लेकिन रिंकू ने क्रिकेट को नहीं छोड़ा। इस दौरान उनका चयन उत्तर प्रदेश के अंडर-19 टी में हुआ। रिंकू के परिवार की ऐसी हालत थी कि उन्हें जो डेली अलाउंस मिलता वह उसमें से भी बचत करते थे।

यहां तक कि क्रिकेट खेलने को लेकर उनके पिता ने रिंकू की पिटाई तक कर डाली थी। रिंकू सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता खेलने के चक्कर में उनकी पिटाई लगा देते थे। हालांकि साल 2012 में जब उन्होंने एक स्कूल टूर्नामेंट में इनाम के तौर पर बाइक जीती तो उसके बाद से परिवार के लोग उन्हें सपोर्ट करने लगे।

इनाम में जीती हुई बाइक से ही उनके पिता सिलेंडर पहुंचाने का काम करने लगे। हालांकि फिर भी घर की हालत ठीक नहीं हुई। इसके बाद रिंकू ने अपने भाई से कहीं नौकरी लगाने के लिए गुहार लगाई। उनके भाई ने एक जगह उन्हें काम पर लगा दिया जहां उन्हें झाड़ू पोछा का काम दिया लेकिन वह एक ही दिन में उस काम को छोड़कर वापस आ गए। इसके बाद रिंकू ने अपने घर में साफ कह दिया कि उन्हें बस क्रिकेट में अपनी किस्मत को आजमाना है। इसके बाद उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत के दम पर यूपी की टीम में जगह बनाई। वहीं 2018 में वह मुंबई इंडियंस ट्रायल में शामिल हुए थे।

ट्रायल मैच में रिंकू ने धमाकेदार पारी खेली। इसके बाद जब ऑक्शन हुआ तो रिंकू पर मुंबई ने बोली लगाई लेकिन केकेआर की टीम ने अधिक बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद से वह लगातार इसी फ्रेंचाइजी के साथ है। एक बार रिंकू ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि वह उनके पिता महीने में सिर्फ 7-8 हजार रुपए कमा पाते थे। भाई की इंकम भी लगभग इतनी ही थी ऐसे में मेरे पास क्रिकेट में किस्मत आजमाने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं था लेकिन अब क्रिकेट के कारण ही उनकी स्थिति ठीक हुई है।

बात अगर घरेलू क्रिकेट की जाए तो उसमें रिंकू सिंह का दमदार प्रदर्शन हूं।रिंकू सिंह यूपी के लिए अब तक कुल 40 फर्स्ट क्लास, 50 लिस्ट ए और 78 टी20 मैच खेल चुके हैं। फर्स्ट क्लास में रिंकू ने 59.89 की औसत से 2875 रन बना चुके हैं। वहीं लिस्ट ए में उन्होंने 53 की औसत से 1749 रन बनाए हैं जबकि टी20 में उनके नाम 1392 रन दर्ज है।

ये थी यूपी के लाल रिंकू सिंह की कहानी । बने रहिये हमारे साथ और देखते रहिये क्रिकेट से जुड़ी हर दिलचस्प खबर।

धन्यवाद।

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