धर्मशाला-शिमला एनएच ढाई घंटे रहा बंद,अध्यापिका का शव रखकर किया प्रदर्शन

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धर्मशाला शिमला नेशनल हाईवे 10.30 बजे से दोपहर एक बजे तक बंद रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हमीरपुर के बजाय सुजानपुर सड़क मार्ग से धर्मशाला के लिए रवाना हुए। हमीरपुर जिले के ब्राहलड़ी में अध्यापिका की मौत मामले की वजह से परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस अफसर परिजनों को मनाने में जुटे रहे लेकिन बात भी नहीं बनी। इस बीच एक पुलिस अफसर ने पिस्तौल तान दी जिससे महिलाएं और भड़क गईं। करीब एक बजे परिजन शव को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। पठानकोट-शिमला, चामुंडा-शिमला, धर्मशाला शिमला रूट की कई बसें जाम में फंसी रहीं। एसडीएम डॉ. चिरंजी लाल चौहान ने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा। पुलिस को सही तरीके से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चला पाएगा।

गौरतलब है कि बीते दिन जिला मुख्यालय हमीरपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान एक सरकारी स्कूल की अध्यापिका की मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर मरीज के उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।

मृतक की पहचान 39 वर्षीय अमिता कुमारी पत्नी अरुण शर्मा निवासी गांव बराहलड़ी तहसील और जिला हमीरपुर के रूप में हुई है। महिला की एक 4 वर्षीय बेटी है। अमिता राजकीय प्राथमिक पाठशाला डुढाणा में अध्यापिका थी। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अरुण शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी को रसौली की समस्या थी।जिसके चलते हमीरपुर जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। सभी लैब टेस्ट, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने के बाद बुधवार रात 9.00 बजे चिकित्सकों ने ऑपरेशन के लिए बुलाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत ऑपरेशन के चलते उनकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई।

तभी रात करीब 11.15 बजे एक चिकित्सक ने ऑपरेशन थियेटर से बाहर आकर उन्हें मरीज को डॉ राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा ले जाने के लिए कहा। लेकिन, अरुण शर्मा ने अपनी पत्नी से मुलाकात करने की गुजारिश की। लेकिन इसके बावज़ूद चिकित्सकों ने पति को अपनी पत्नी से नहीं मिलने दिया। निजी अस्पताल की एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर साथ में लगाकर मरीज को टांडा रेफर कर दिया।

टांडा पहुंचते ही निजी अस्पताल का स्टाफ और एंबुलेंस उन्हें वहां छोड़कर फरार हो गया। टांडा में चिकित्सक ने बताया कि मरीज की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। जिस पर उन्हें शक हुआ कि पत्नी की मौत निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान ही हो चुकी थी और चिकित्सकों ने उन्हें गुमराह किया है।

अरुण शर्मा ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, पुलिस थाना हमीरपुर के प्रभारी संजीव गौतम ने बताया कि पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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