तारबंदी पार कर भारत आया युवक निकला PAK का जासूस, ये था टारगेट

0

राजस्थान:-बाड़मेर में सीमा पर तारबंदी के नीचे से निकल कर भारत आया युवक आईएसआई का जासूस निकला।सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ के लिए उसे बाड़मेर से जयपुर ला रही हैं।युवक ने बताया कि उसे पाकिस्तान से उसके मामा ने भारत भेजा है और यहां बीएसएफ और आर्मी की गतिविधियों की जानकारी मांगी थी।हालांकि यह घुसपैठिया बार-बार अपने बयान बदल रहा है जिसके चलते अब इसे जयपुर लाया जा रहा है ।

संदिग्ध युवक को घुसपैठ के लिए ट्रेन से खोखरापार तक पहुंचाया गया था जिसके बाद पाकिस्तानी सेना की मदद से वह तारबंदी के नीचे से भारतीय सीमा में घुसा।तीन दिनों से पूछताछ कर रही एजेंसियां अब पाकिस्तानी घुसपैठिए को जयपुर लेकर आ रही हैं।जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां विशेष पूछताछ करेंगी।ऐसा पता चला है कि संदिग्ध युवक को कई भाषाओं की जानकारी है।

बताया जा रहा कि आईएसआई और पाकिस्तानी सेना ने इसे बिल्कुल हरे कपड़े में ढक कर भेजा था।क्योंकि बारिश के दिनों में पूरा रेगिस्तान हरा हो रखा था।इसकी वजह से सुरक्षा एजेंसि को किसी को भी पहचानने में मुश्किल होती है।यह सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक है क्योंकि तारबंदी के नीचे से यह व्यक्ति भारत के अंदर घुस आया।सीमा के पास असली गांव के लोगों की सूझबूझ की वजह से यह पकड़ा गया।लोगों ने इसे पकड़कर बीएसएफ को सौंपा।दिल्ली से आए खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की ओर से पूछताछ की गई।अब जासूस से जयपुर में पूछताछ की जाएगी।

मुनाबाव के सामने पाकिस्तान की सेना की पूरी ब्रिगेड कई दिनों से डेरा डाले हुए हैं।ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना की ओर से यह आतंकियों की घुसपैठ का ड्राई रन भी हो सकता है।

पाकिस्तान का डर्टी गेम भारत-पाक सीमा पर जारी है।एक तरफ सीमा के नजदीकी गांव में लोगों को वे जिहाद के लिए उकसाने में लगे हैं,दूसरी तरफ भारी संख्या में पाकिस्तान की सेना बॉर्डर के पास आकर डेरा डाले हुए हैं।खुफिया जानकारी के अनुसार,जैश-ए मोहम्मद ने रहमियार खान की एक मस्जिद को अपना अड्डा बना रखा है।पाकिस्तान सेना इसका इस्तेमाल आतंकी हमले के लिए कर सकती है।

जम्मू-कश्मीर से लगते लाइन ऑफ कंट्रोल पर सुरक्षाबलों की सख्ती के बाद पाकिस्तान,भारत में आतंकियों को भेजने का नया रास्ता खोज रहा है।गुजरात से लेकर राजस्थान तक करीब 150 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान के लिए सॉफ्ट टारगेट है क्योंकि दूर-दूर तक फैले मरुस्थल में हर वक्त,हर जगह सुरक्षाबलों का मौजूद रहना आसान नहीं है।

About Post Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और खबरें