सुशांत सिंह राजपूत केस: आखिर क्यों मुंबई पुलिस ने नष्ट कर दिए दिशा सालियान केस से जुड़े सबूत?

सुशांत सिंह राजपूत के निधन से पहले उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी और रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई पुलिस ने इस मामले से जुड़े सारे सबूत कथित तौर पर नष्ट कर दिए हैं. अब बिहार पुलिस ने इस मामले में दिशा सालियान के परिजनों से पूछताछ करने का निर्णय लिया है. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के मामले में दर्ज रिपोर्ट की मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती से पूछताछ करने मुंबई पहुंची बिहार पुलिस का संपर्क उनसे फिलहाल नहीं हो पाया है.

बिहार पुलिस के सूत्रों के मुताबिक वह लगातार ठिकाने बदल रही हैं और सिर्फ वीडियो के जरिए अपनी बेगुनाही साबित करना चाह रही है. इस मामले में बनी बिहार पुलिस की एसआईटी का ये भी कहा है कि अगर वह बेगुनाह हैं तो फिर उन्हें सामने आना चाहिए. इस मामले की शनिवार और रविवार को हुई जांच में ये भी सामने आया है कि बिहार पुलिस सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत की खोज खबर लेने भी मालवणी थाने पहुंची थी. यहां पहले तो मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को सबकुछ बताया लेकिन फिर किसी का फोन आने के बाद कह दिया गया कि इस जांच से संबंधित पूरा फोल्डर ही डिलीट हो गया है. सूत्रों के अनुसार बिहार पुलिस ने इस बारे में लैपटॉप से डाटा रिकवर करने में मदद करने का भी प्रस्ताव किया लेकिन मुंबई पुलिस ने इससे इंकार कर दिया है.

आपको बता दें कि दिशा सालियान की मौत उसी रात हुई जिस रात रिया चक्रवर्ती सुशांत का बांद्रा स्थित घर छोड़कर गयी थी. दिशा सालियान की मौत की आशंका दिशा के कथित मंगेतर पर थी लेकिन इस बारे में खबरें छपते ही मुंबई की एक पीआर एजेंसी इन खबरों से उसके कथित मंगेतर का नाम हटवाने के लिए सक्रिय हो गई थीं. इस बारे में कुछ दूसरी टैलेंट एजेंसियों ने भी अपने सूत्रों के जरिए मुंबई के पत्रकारों को फोन किए थे.

दिशा सालियान के निधन पर सुशांत ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि तो दी थी लेकिन इस घटना का उन पर काफी असर हुआ था. सुशांत के करीबी बताते हैं कि इस घटना के बाद सुशांत को डर लगने लगा था. सुशांत को शक था कि उनके खिलाफ लगातार अंग्रेजी न्यूज पोर्टलों पर लिखते रहे लोग उनका नाम इस केस में भी डाल देंगे और उन्हें फंसा देंगे. बिहार पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सुशांत जो दो सिम कार्ड अपने साथ रहने वाले सिद्धार्थ पिठानी के नाम के इस्तेमाल करते थे, उनसे किसको किसको कॉल किए गए और उस पर किसके किसके फोन आए. इस मामले में पटना में दर्ज एफआईआर को मुंबई स्थानांतरित किए जाने के लिए रिया ने सुप्रीम कोर्ट में जो अपील दायर की है, उसकी सुनवाई 5 अगस्त को होनी है.