आपको कौन सी कंपनी की लगेगी कोविड-19 वैक्सीन, ये आप नहीं बल्कि तय करेगी सरकार

कोरोना वायरस को मात देने की लिए भारत ने अपनी कमर कस ली है. आने वाले कुछ दिनों में भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है.

3 जनवरी को देश में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है. लेकिन आपको बता दें कि दोनों में से आप कौन सी वैक्सीन लगवा सकते हैं ये आप नहीं बल्कि खुद सरकार तय करेगी.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि कई देश ऐसे हैं, जहां एक से ज्यादा वैक्सीन का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन वहां भी वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ती को कोई एक विकल्प चुनने का अधिकार नहीं दिया गया है. इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बात के संकेत दिए कि भारत में इसी प्रणाली को अपनाया जाएगा.

मालूम हो कि देश में 16 जनवरी से शुरू होने वाले कोरोना वैक्सीनेशन का कार्यक्रम एक वॉलियंटरी प्रक्रिया है लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के पास ऐसे किसी विकल्प का होना नियमों के तहत आता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि वैक्सीन की पहली डोज और दूसरी डोज देने में 28 दिन का अंतराल रखा जाएगा. इसके बाद दूसरी खुराक के 14 दिन बाद ही वैक्सीन के प्रभाव के बारे में पता चल सकेगा.

बताते चलें कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड को पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में तैयार किया जा रहा है और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक में कोवैक्सीन निर्मित की जा रही है.

गौरतलब है कि वैज्ञानिकों की तरफ से ऐसा कहा जा रहा है कि दोनों वैक्सीन का हजारों लोगों पर परीक्षण किया गया है और दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित हैं. आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सीरम इंस्टीट्यूट से 110 लाख डोज खरीद रही है. सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा इसकी कीमत सरकार के विशेष अनुरोध के बाद ही 200 रुपये प्रति खुराक रखी गयी है.

वहीं, केंद्र सरकार भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की 55 लाख खुराक खरीद रही है. 38.5 लाख कोवैक्सीन की खुराक की कीमत 295 रुपये प्रति खुराक है. बताते चलें कि इसमें टैक्स की कीमत को शामिल नहीं किया गया है. जबकि 16.5 लाख कोवैक्सीन को मुफ्त में दिया जाएगा.

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