Uttrakhand: ”कोरोना एक जीव, उसे भी जीने का अधिकार”, पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने दिया विवादित बयान

कोरोना वायरस की मार आज पूरा देश झेल रहा है. कोरोना ने अब तक हज़ारों लोगों से उनके परिवार का सदस्य छीन लिया. बीते एक साल से भी ज्यादा समय से फैले इस वायरस ने कितनों की जिंदगी को उजाड़ कर रख दी. लेकिन इसके बाद भी कई नेता वायरस को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं.
इस कड़ी में खबर आयी है उत्तराखंड से. दरअसल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक अजीबोगरीब बयान दिया है. जिस पर अब काफी विवाद खड़ा हो गया है.
आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को कहा कि कोरोनावायरस एक जीवित जीव है, जिसे जीने का अधिकार है. सोशल मीडिया पर त्रिवेंद्र सिंह रावत का यह बयान खूब वायरल हो रहा है और लोग इस बयान पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीते दिन कहा था, ‘दार्शनिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो कोरोनावायरस भी एक जीवित जीव है, बाकी लोगों की तरह इसे भी जीने का अधिकार है, लेकिन हम (मनुष्य) खुद को सबसे बुद्धिमान समझते हैं और इसे खत्म करने के लिए तैयार हैं, इसलिए यह खुद को लगातार बदल रहा है.”
इसके बाद सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मनुष्य को सुरक्षित रहने के लिए वायरस से आगे निकलने की जरूरत है.
मालूम हो कि इस विवादित बयान को लेकर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जा रहा है.
पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अजीबोगरीब बयान पर कांग्रेस नेता गौरव पंधी ने कहा कि ऐसे लोगों के बयानों से यह आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए कि हमारा देश आज दुनिया में सबसे ज्यादा मानवीय त्रासदी झेल रहा है.


वहीं, एक ट्विटर यूजर ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर तंज कसते हुए कहा, ‘इस वायरस जीव को सेंट्रल विस्टा में आवास दिया जाना चाहिए.”
राष्ट्रीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने कहा, ‘कोरोना एक प्राणी है- पूर्व CM एवं BJP नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत, फिर तो इसका आधार कार्ड/राशन कार्ड भी होगा ?’

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