उत्तर प्रदेश के चुनाव में अफगानिस्तानी मुद्दा, योगी आदित्यनाथ को इस वजह से मिल सकता है सियासी लाभ

भाजपा नेता मानते हैं कि अफगानिस्तान में बुरी तरह से तालिबान की बर्बरता की खबरें सामने आ रहे हैं। इस वजह से जनता में कठोर शासन की तरफ झुकाव पड़ेगा । पार्टी का मानना है कि इसका चुनावी लाभ मिल सकता है।

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अफगानिस्तान में तालिबानी द्वारा महिलाओं, पुरुषों, बच्चों पर की जा रही बर्बरता ने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र से लेकर दुनिया भर की सारी सरकार अफगानिस्तान में शांति प्रदान करने की के लिए बातें कर रही है। पड़ोसी देश में घट रही बुरी घटनाओं से भारत के लोगों के लिए भी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। लोगो को ऐसा लग रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबानी शासन स्थापित होने की वजह से भारत सहित पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में आतंकी घटनाओं की बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए तो सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दर्ज कर रहे हैं। कुछ भाजपा नेताओं का मानना है कि सोशल मीडिया पर लोग जिस तरह की भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं और आतंकी घटनाओं को रोकने में सक्षम कठोर शासन की बात कर रहे हैं इससे सियासी लाभ भी मिल सकता है।

तालिबान के ताकतवर होने से भारत सहित आसपास के कई देशों में आतंक की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। इससे लोगों की जान माल की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है, लोग अपने बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं सोशल मीडिया में लोग खुलकर अपने चिंताएं साझा कर रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि किसी भी आतंकी घटना से बचने के लिए देश प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जैसा कठोर शासक होने की बात की जा रही है।

कुछ नेताओं ने कहा है कि कुछ वर्षों से पहले ही दुनिया भर के लोगों ने 9/11 और मुंबई हमले जैसे खतरनाक आतंकी घटनाएं देखी हैं।अफगानिस्तान में भी बर्बरता की घटनाएं भी लोगों के जेहन में ओझल नहीं हो पा रही हैं। इसी बीच एक बार फिर अफगानिस्तान में तालिबानी शासन स्थापित होने से लोगों की चिंताएं बढ़ती चली जा रही हैं। इसके वजह से कठोर शासन के प्रति लोगों का रुझान बढ़ सकता है, लोग चाहते हैं कि देश परदेश में से सरकार बने जो इस तरह की किसी भी संभावित घटना को रोकने में सक्षम हो। भाजपा का यह भी दावा है कि उन्होंने इस तरह की सरकार केंद्र प्रदेश दोनों स्तर पर दिया है।

समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने तालिबान की तुलना स्वतंत्र संग्राम के सेनानियों से कर दी है, इस पर सियासी बवाल खड़ा हो गया और सांसद पर एनएसए की धाराओं में मामला भी दर्ज कर लिया है। भाजपा को लग रहा है कि समाजवादी पार्टी नेता के इस तरह के बयानों से जनता में उसके विरोध में नाराजगी बढ़ेगी जिससे उसे सियासी लाभ भी मिल सकता है।

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