हिस्ट्रीशीटर vikas dubey की माँ के बाद अब आया पिता का ब्यान, कहा- ‘बेटा अपराधी होता तो….’

कानपुर में जिस हिस्ट्रीशीटर के लोगों ने 8 पुलिसकर्मियों की जान ले ली उसी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की माँ और पिता अलग-अलग बातें कहते नज़र आ रहे है. जहाँ एक ओर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की माँ शहीद हुए पुलिसकर्मियों का बदला लेने के लिए कहती है कि अगर वो ऐसे ही फरार रहा तो उसका एनकाउंटर हो जाना चाहिए. तो वहीं दूसरी तरफ पिता कहते है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है .

वहीं पुलिस ने जब उसकी माँ से बात की तो उन्होंने कहा,’उसे (विकास यादव) को बहुत समझाया कि यह रास्ता छोड़ दो लेकिन उसने कभी भी किसी की नहीं सुनी. उसने जो किया है उसके लिए मौत की सजा भी कम है. वो आतंकवादी है. उसे मार देना चाहिए. इतना कहकर वो फूट कर रोने लगीं. सरला दुबे ने बताया कि लॉकडाउन के पहले उनकी विकास से मुलाकात हुई थी. वह अपने पत्नी व बच्चों के साथ दूसरे घर में रहता है. वह बीमार रहती हैं. उन्हें इस बात का दुख है कि बेटे की वजह से उनके पूरे परिवार की बदनामी होती है.

VIDEO: हिस्ट्रीशीटर Vikas Dubey के घर पर गरजा बुलडोजर

मां सरला ने कहा,’घर का एक लड़का भी खराब निकल जाये तो पूरे परिवार का सत्यानाश हो जाता है.उनके परिवार के साथ भी ऐसा ही हो रहा है.’ विकास की मां सरला दुबे ने बताया कि वो काफी लम्बे अर्से से विकास के साथ नहीं रह रही हैं. उन्होंने बताया कि घुटने के इलाज के बाद वो दूसरे बेटे दीप प्रकाश के साथ ही रहती हैं. साथ ही साथ सरला दुबे ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद विकास उन्हें कभी देखने तक भी नहीं आया. जेल से छूटने के बाद से ही विकास से उनका कभी कोई संपर्क नहीं रहा. बातचीत के दौरान विकास की माँ ने बताया कि विकास राजनीतिक वर्चस्व के लिए अपराध के रास्ते पर चला गया. विकास दुबे विधायक बनना चाहता था. उन्होंने बताया कि विकास अपने साथ गाँव के कई लड़के भी रखता है.’

यूपी पुलिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को खोज निकालने के लिए उन सभी ठिकाने पर दबिश दे रही है जहां वो कभी रहा करता था. इसी के चलते पुलिस विकास दुबे के लखनऊ वाले घर पहुंची. इसके साथ ही उसके भाई और रिश्तेदारों के घर को भी खंगाला गया. इसी बीच विकास दुबे के पिता का एक ब्यान सामने आया है जिसमें वो कहते है, ‘हम जानते ही नहीं कि हमारे बेटे ने ऐसा अपराध किया. दुबे (बेटा) अपराधी होता तो अब तक एनकाउंटर कर दिया गया होता.’


आपको बता दें कि कानपुर से सटे बिकरू गांव में शुक्रवार की सुबह पुलिस और विकास दुबे के गिरोह के बीच खूनी मुठभेड़ हुई. विकास दुबे के आदमियों ने जेसीबी मशीन लगाकर पुलिस का रास्ता बंद कर दिया था. जैसे ही पुलिसवाले आगे बढ़े उसके लोगों ने पुलिस वालों पर तीन तरफ से फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए. इसके साथ ही इस मुठभेड़ में विकास गुप्ता के दो आदमी भी मार गिराए गए है.

गौरतलब है कि कानपुर के थाने में विकास दुबे के खिलाफ 60 एफआईआर दर्ज हैं. जिसमें 2001 में मंत्री संतोश शुक्ल के कत्ल का मुकदमा भी शमिल है.

ये भी देखें : 26 वर्ष डॉक्टर को गवानी पड़ी अपनी जान,अंतिम सांस तक कहते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी बात

ये भी देखें : खुद की जान गवांकर SO महेश यादव ने ऐसे बचाई अन्य पुलिसकर्मियों की जान

ये भी देखें : भावुक हुई शहीद संतोष बाबू की पत्नी , पीएम मोदी से कही ये बात

ये भी देखें : दो लड़कियों को गोली मारकर हमलावर हुए फरार,एक की हालत गंभीर

ये भी देखें : हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गए पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग,8 पुलिसकर्मी शाहिद

ये भी देखें : राजधानी में सामने आए 37 नए कोरोना मरीज, कंटेनमेंट जोन में शामिल हुए 12 नए क्षेत्र

ये भी देखें : असम का हाल हुआ बेहाल,बाढ़ ने ले ली 34 लोगों की जान;16 लाख से ज्यादा प्रभावित

ये भी देखें : इंडियन आइडल की महिला कंटेस्टेंट को लेकर भाग गया शख्स

ये भी देखें : दर्दनाक घटना : भूस्खलन के कारण हुई 50 लोगों की मौत,कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

ये भी देखें : आखिर कैसे सुशांत के निधन से पहले ही अपडेट हो गया था उनका विकीपीडिया पेज?

You may have missed