पटाखों से हुए वायु प्रदूषण से बढ़ सकता है कोरोना वायरस, इन मरीजों के लिए हो सकता है बेहद खतरनाक




भारत में कोरोना वायरस के फैले हुए अब 10 महीने हो गए है. और अब तक इस महामारी के चलते भारत में लाखों लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है. अब धीरे धीरे सर्दी का मौसम नजदीक आ रहा है. और ऐसा माना जा रहा है कि सर्दी में ये वायरस बेहद खतरनाक हो सकता है. इसका विस्तार सर्दी में गर्मी के मुकाबले ज्यादा तेजी से हो सकता है. साथ ही साथ इस बात का भी अनुमान लगाया जा रहा है कि बढ़ते प्रदूषण से भी कोरोना के बढ़ने की संभावना है. ऐसे में कोरोना वायरस के चलते विशेषज्ञों की अपील है कि इस बार दीवाली पर लोगों को पटाखों से परहेज करना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी और प्रदूषण की दोहरी मार बीमारी बढ़ाने का कारण बन सकती है. खासकर कोविड के संक्रमित मरीज और इससे उबरे मरीजों पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है.

डॉ. पीबी मिश्रा के अनुसार, पटाखे फोड़ने पर इसके स्मॉल पार्टिकल्स हवा में घुलते हैं, जिन्हें हम एयरोसॉल कहते हैं, इसके माध्यम से कोविड का वायरस फैल सकता है.

डॉ. मिश्रा के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और अन्य मेट्रो शहरों में अभी से ही हवा खराब होने लगी है. सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ता है और ऐसी स्थिति में वायरल संक्रमण बढ़ने लगते हैं. दीपावली में पटाखे जलने से प्रदूषण और ज्यादा बढ़ेगा और इस वजह से अस्थमा, दमे के मरीजों और कोविड के मरीजों को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो सकती है.

विशेषज्ञों की माने तो वायु प्रदूषण बढ़ने पर धूलकण कम ऊंचाई पर ही जमा हो जाते हैं, जिससे वायरस के हवा में ज्यादा देर तक ठहरने का खतरा है. ऐसी स्थिति में ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं. पहले से कोविड-19 की चपेट में आ चुके लोगों के लिए यह स्थिति दोहरी मार वाली होगी. विशेषकर उन लोगों के लिए जिनके फेफड़ों पर वायरस ने गंभीर रूप से प्रभाव डाला है.

डॉ. मिश्रा कहते हैं कि जो मरीज कोविड से संक्रमित हैं, उनमें से ज्यादातर के फेफड़ों पर प्रभाव पड़ा है. बहुत सारे मरीजों के कोरोना से ठीक हो जाने के बाद भी फेफड़ों पर ये असर रहता है, जिसे पल्मनेरी फायब्रोसिस कहा जाता है. इसे ठीक होने में समय लगता है. उनका कहना है कि कोविड संक्रमित मरीज या फिर कोविड से उबरे मरीज, दोनों पर वायु प्रदूषण का बुरा प्रभाव पड़ेगा. डॉ. मिश्रा की सलाह है कि इस साल पटाखों से दूरी बनाए रखना ही लाभदायक साबित होगा.



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