लखनऊ : बहराइज के राज्य भंडार गृह में डंप सरकारी चावल के बेचने का भंडाफोड़,जांच जारी…

बहराइच : बसंतापुर स्थित राज्य भंडार गृह में डंप सरकारी चावल के बेचने का भंडाफोड़ हुआ है।एसडब्ल्यूसी व एफसीआई के अधिकारी सांठगांठ कर मंगलवार रात दो डीसीएम पर चावल गोदाम से मिल भेज रहे थे,लेकिन गेट पर इंट्री न होने से गार्ड ने वाहनों को रोक दिया।इसकी सूचना एसडब्ल्यूसी के एमडी को दी गई।जीएम के नेतृत्व स्टेट टीम भंडार गृह पहुंचकर जांच-पड़ताल कर रही है।इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो रही है।

बहराइच-लखनऊ हाईवे के बसंतापुर में राज्यभंडार गृह है।एसडब्ल्यूसी व भारतीय खाद्य निगम की निगरानी में यहां से गेहूं व चावल विपणन विभाग के जरिए सरकारी कोटे की दुकानों तक पहुंचता है।डीसीएम नंबर 0815 व 1029 को सोमवार को दोपहर ओवरलोडिंग के लिए बैकडोर से भंडार गृह में प्रवेश करा दिया गया।रात करीब एक बजे दोनों डीसीएम गोदाम से निकलने लगे।

इस पर गार्ड ने वाहनों की इंट्री न होने का हवाला देकर वाहन रोक दिया।मामला बढ़ने पर उसने सीधे एमडी को जानकारी दी।सुबह मामले को दबाने में लोग जुट गए, लेकिन जीएम के नेतृत्व में लखनऊ से टीम के पहुंचने से हड़कंप मच गया।शुरुआती जांच में बिना आरो के चावल लोडिंग कराने का खुलासा हुआ है।दोनों वाहन अब तक हुई जांच में निजी राइस मिल संचालक पाए गए हैं।आशंका जताई जा रही है कि अधिकारी उन्हीं के मिल पर सरकारी चावल भेज रहे थे।वाहनों को रोक दिया गया।

संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही है।जीएम की जांच में चौकाने वाला मामला सामने आया है।दोनों डीसीएम पर 606 यानी एक डीसीएम पर 303 बोरी चावल लगभग तीन सौ क्विंटल चावल की लोडिंग की गई थी।यह लोडिंग भंडार गृह के सबसे किनारे बने 11 नंबर गोदाम से की गई है।

उत्तर प्रदेश भंडार निगम के प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोस्वामी ने बताया कि जीएम के नेतृत्व में टीम जांच के लिए भेजी गई है।चावल बिक्री करने के मामले में जो भी अधिकारी व कर्मचारी की संलिप्तता मिलेगी।कानूनी कार्रवाई के साथ ही विभागीय कार्रवाई भी होगी।

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